अच्छा लगता हैं.............!
मुझे अब
नींद की
तलाश नहीं,
अब रातों
को जागना
अच्छा लगता
हैं,
मुझे नहीं मालूम कि वो मेरी किस्मत में हैं या नहीं,
मगर भगवान से उसे मांगना अच्छा लगता हैं,
जाने मुझे हक हैं या नहीं मगर,
उसकी अपनी जान से ज्यादा “परवाह करना” अच्छा लगता हैं,
उस से
प्यार करना
सही हैं
या नहीं,
पर इस
अहसास को
जीना अच्छा
लगता है,
कभी हम साथ होंगे या नहीं,
पर ये ख्वाब देखना अच्छा लगता हैं,
“वो मेरा है या नहीं”,
पर उसे “अपना” कहना अच्छा लगता हैं,
दिल को
बहलाया बहुत,
पर मानता
ही नहीं,
पर इसे
भी उसके
लिए धड़कना अच्छा लगता
है।
Comments
Post a Comment